Tuesday, 7 April 2015

बस और कुछ नहीं चाहिए...


तुम एक दिन मुझे मिल जाने का वादा करो...,

मेरी सुनी जिंदगी में...,बहार बन के आने का वादा करो...!

रहे है तन्हा बुहत हम तुम बिन..., मेरी तन्हाई मिटने का वादा करो..., 

बाँहो में भर के...,गले लागने का वादा करो...!

बस और कुछ नहीं चाहिए तुमसे मुझे आज़..., 

मेरी साँसो में बस जाने का वादा करो...!!!

दीप 

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