Saturday, 7 September 2013

एक ख्याल...

एक ख्याल...

"इस दुनिया की भीड़ में चले थे खुदमुख्तार हो कर हम ऐ रकीब...,तमाम शहर ख़ाक छानी.., श्याम हुई तो आपनी ही कब्र में आकर बस गए..."

-दीप-

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