Sunday, 6 July 2014

ख़ामोश...


रोजाना इस दिल को किसी का इंतज़ार होता है

फिर रोजाना ही ये दिल बेक़रार होता है

काश के समझा पाते उन्हें की

ख़ामोश रह कर भी किसी से बेइंतिहा प्यार होता है...
दीप 

0 comments: