Sunday, 10 August 2014

ये जिंदगी क्या है...​



जब हम खुश है तो बुहत प्यारी है जिंदगी..,
जब हम है दुखी तो उदास है ये जिंदगी...

जब होती थी दोस्तों संग हसीं ठिठौली वो थी जिंदगी..,
और आज जब खोजना पड़ता साथी कोई जो सुने दिल की बात ये भी है जिंदगी...

जब मन सोच में तब डूबा रहे तब बुहत गहरी है जिंदगी..,
जब हालत बुरे हो जाए, तो मुश्किल से लड़ना है जिंदगी... 
 
जब किसी के सामने झुकना पड़, तो ख़ामोश है जिंदगी..,
जब बुहत कुछ सहने पड़े तो लाचार है जिंदगी...

जब दुनिया सच्ची लगे तो मासूम है जिंदगी...
जब कुछ समझ ना आए, तो घोर अँधेरा है जिंदगी...

जब रास्ता नज़र आए, तो नई सुबह है जिंदगी..,
जब हर पल हो एक नई उलझन तो जंजाल है जिंदगी...

परिस्थियों के साँचे में खुद को ढालना ही है जिंदगी..,
सच पूछो दोस्तों...तो हर पल लड़ते जाना ही है नाम जिंदगी...!!!


दीप

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