Sunday, 6 November 2016

हसरतें...



बात जो दिल में दबी.., होठों पे आज उसे उतरने दो...,
ना ठहरा  ना ठहरेगा अभी..,इस वक़्त को गुज़र जाने दो...!

अनकही बातें जो मुझसे..,आज उन्हें कह जाने दो..,
सुन लो इस दिल की आवाज़.., आँखों को कह जाने दो...!

भोला पंछी सा ये दिल मेरा..,आज़ इस उड़ जाने  दो..,
बात जो दिल में दबी.., होठों पे आज उसे उतरने दो...!


बहार आ जाती हैं...,खिलखिला जाते है हम...,
तुम्हारी हमारी हसीन मुलाकातें.., बस अब  हो जाने दो...!

 मिला करो हमे बार बार...,खुद से हमे जुड़ने जाने दो...,
बात जो दिल में दबी...,होठों पे आज उसे उतरने दो...!

निकली एक फरियाद तुमको पा कर दिल से..., 
हमको तेरी चाहत में बर्बाद हो जाने दो...!

चाहते हमारे दरमियां  बढ़ जाने दो...,
बात जो दिल में दबी..,होठों पे आज उसे उतरने दो...!!!

दीप 
 

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